पंजीकरण प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी। यह पंजीकरण केवल कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए है तथा कुल 40 सीटें उपलब्ध हैं। 15 मार्च 2026 से पहले भरे गए किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा दिनांक 4 अप्रैल 2026 को प्रातः 10:00 बजे निर्धारित की गई है। कृपया निर्धारित तिथियों के भीतर अपना आवेदन पूर्ण करें। | The registration process will be open from 15 March 2026 to 31 March 2026. Registration is only for students of Class 6 to 8 and there are a total of 40 seats available. Any application submitted before 15 March 2026 will not be accepted. The examination is scheduled on 4 April 2026 at 10:00 AM. Please complete your application within the given dates. Click Here to Register

हमारे बारे में

श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम, एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था है, जो शिवपुर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में स्थित है। यह संस्था प्राचीन भारतीय संस्कृति, संस्कृत शिक्षा तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित है। यह आश्रम एक सेवा-भाव से संचालित संस्था है, जहाँ विद्यार्थियों को संस्कृत की शिक्षा दी जाती है| यह विद्यालय उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद से उत्तर माध्यमिक (कक्षा 12) तक सम्बद्ध है एवं शास्त्री आचार्य की सम्बद्धता सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से है। हमारा यहाँ उत्तर माध्यमिक तक के बच्चों को आवासीय सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाती है। यहाँ शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वाराणसी जैसे पवित्र और आध्यात्मिक नगर में स्थित यह आश्रम विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ शुद्ध, सात्विक और संस्कारित वातावरण प्रदान करता है, जिससे वे विद्या और संस्कार दोनों में प्रगति कर सकें।

Learn Now
annapurna
प्रबंधक (सभापति) - महंत शंकर पुरी

POPULAR COURSES

श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में विद्यार्थियों को पारंपरिक संस्कृत शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों का संतुलित ज्ञान प्रदान किया जाता है। यहाँ शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी का बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास करना है।

📘 पूर्व मध्यमा

  • संस्कृत व्याकरण की प्रारंभिक शिक्षा
  • हिंदी एवं अंग्रेज़ी भाषा
  • गणित एवं सामान्य ज्ञान
  • धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा
  • यह पाठ्यक्रम संस्कृत शिक्षा की आधारशिला तैयार करता है।

    📗 उत्तर मध्यमा

  • उन्नत संस्कृत व्याकरण
  • साहित्य एवं काव्य अध्ययन
  • वेद एवं उपनिषदों का परिचय
  • भारतीय दर्शन का प्रारंभिक ज्ञान
  • यह स्तर विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए तैयार करता है।

    📙 शास्त्री

  • व्याकरणम् (Sanskrit Grammar)
  • साहित्य (Classical Sanskrit Literature)
  • यह पाठ्यक्रम स्नातक स्तर के समकक्ष माना जाता है और विद्यार्थियों को विद्वत्ता की ओर अग्रसर करता है।

    🕉️ विशेष प्रशिक्षण

  • वेद पाठ
  • संध्या-वंदन एवं धार्मिक अनुष्ठान
  • योग एवं ध्यान
  • संस्कृत भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता
  • कर्म कांड इत्यादि
  • आचार्य

  • व्याकरणम् (Sanskrit Grammar)
  • साहित्य (Classical Sanskrit Literature)
  • यह पाठ्यक्रम स्नातक स्तर के समकक्ष माना जाता है और विद्यार्थियों को विद्वत्ता की ओर अग्रसर करता है।

    IMPORTANT FACTS

    Teachers

    18+

    Students

    400+

    Courses

    5+

    Faculties

    3+

    LATEST NEWS

    Admission

    Will announce soon

    माननीय मुख्यमंत्री जी का आगमन

    हाल ही में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी ने आश्रम का दौरा किया और विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं सिलाई मशीन वितरित की। उन्होंने आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कृत एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण पर बल दि

    नियमित शैक्षणिक कार्यक्रम

    संस्थान में समय-समय पर परीक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास हो सके।

    सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन

    आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान, वैदिक पाठ, संस्कृत भाषण प्रतियोगिता तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

    LIBRARY

    किताबों के कई रूप हैं

    testimonial 1
    testimonial 2
    testimonial 3
    testimonial 1

    Shastri & Acharya

    “संस्कार और शिक्षा का अद्भुत संगम”
    “यहाँ शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं। शिक्षकगण बहुत सहयोगी और अनुभवी हैं।”

    Shastri & Acharya

    “श्रेष्ठ वातावरण”
    “आश्रम का वातावरण अत्यंत शांत और अनुशासित है, जो अध्ययन के लिए उपयुक्त है।”

    Shastri & Acharya

    “भारतीय संस्कृति का केंद्र”
    “यह संस्था हमारी प्राचीन संस्कृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।”

    Shastri & Acharya

    यह एक संस्कृत विद्यालय है, जहाँ विद्यार्थियों को शिक्षा, आवास एवं भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी सुविधाएँ पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
    यदि कोई श्रद्धालु या समाजसेवी इस पुण्य कार्य में सहयोग करना चाहता है, तो वह दान के माध्यम से अपना योगदान दे सकता है। हमारा उद्देश्य अपनी प्राचीन संस्कृति, संस्कृत भाषा और सनातन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। इस महान कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए हमें आपके सहयोग और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।
    अतः आप सभी से विनम्र निवेदन है कि हमारी परंपरा को सुरक्षित रखने के इस प्रयास में उदारतापूर्वक दान दें।

    🕉️ हमारे प्रमुख आयोजन

    श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

    सामाजिक सेवा कार्यक्रम

    11:00:00 श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम

    नि:शुल्क अन्न वितरण, वस्त्र वितरण, समाज जागरूकता अभियान

    वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह

    10:38:00 श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम

    प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, भजन, नाट्य मंचन एवं प्रेरणादायक भाषण शामिल होते हैं।

    वार्षिक वैदिक सम्मेलन

    12:00:00 श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम

    विद्वान आचार्यों एवं विद्यार्थियों द्वारा वेद पाठ, शास्त्र चर्चा एवं संस्कृत भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। यह कार्यक्रम संस्कृत ज्ञान को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

    माँ अन्नपूर्णा जयंती महोत्सव

    11:17:00 श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम

    आश्रम का प्रमुख वार्षिक उत्सव, जिसमें विशेष पूजा-अर्चना, भंडारा, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    Copyright © All right reserved.
    Designed & Developed By: MICROCMD